सम्मान और परिणाम की कहानी – Hindi Story for Kids

भारत के एक छोटे से गाँव में मनोज नाम का एक दयालु किसान रहता था। उसके पास कावेरी नाम की एक गाय और करण नाम का एक बछड़ा था।

मनोज के पास मिट्ठू नाम की एक चंचल बिल्ली भी थी। मिट्ठू शरारती था और बिना किसी को देखे कावेरी का दूध पीना पसंद करता था।

एक दिन करण ने मिट्ठू को कावेरी का दूध पीते देखा। उसने इस बारे में मनोज को बताने का फैसला किया। “पिताजी, मिठ्ठू माँ का दूध पी रहा है,” करण ने कहा।

मनोज हैरान रह गया। “मिट्ठू! यह अच्छा नहीं है,” उन्होंने कहा। उसने सोचा कि मिट्ठू को दूध चोरी करने से कैसे रोका जाए।

उसे एक विचार याद आया जो उसकी दादी ने एक बार उसे बताया था। “मैं लाल मिर्च पाउडर का उपयोग करूँगा,” मनोज ने एक योजना बनाते हुए निर्णय लिया।

अगले दिन मनोज ने कावेरी के छप्पर के आसपास कुछ मिर्च पाउडर छिड़क दिया। उसे उम्मीद थी कि इससे मिट्ठू दूध चोरी करने से बाज आएगा।

मनोज की योजना से अनभिज्ञ मिट्ठू कावेरी का दूध पीने चला गया। जैसे ही उसने मिर्च पाउडर पर पैर रखा, वह बेकाबू होकर छींकने लगा।

मिट्ठू बेचारा भागा, छींकता और रोता हुआ। उसने महसूस किया कि उसकी हरकत से यह बेचैनी हुई थी। उसे अफ़सोस हुआ।

इस बीच, मनोज, करण और कावेरी दूर से देखते रहे। “मिट्ठू ने अपना सबक सीख लिया है,” मनोज ने छींकती हुई बिल्ली को देखते हुए कहा।

कुछ दिन बीत गए और मिठ्ठू सावधान हो गया कि कावेरी का दूध न पिए। लेकिन तभी उसकी नजर एक मधुमक्खी के छत्ते पर पड़ी।

जिज्ञासु और भूखे मिट्ठू ने छत्ते तक पहुँचने की कोशिश की। वह नहीं जानता था कि मधुमक्खी के छत्ते को परेशान करना खतरनाक हो सकता है।

जैसे ही उसने छत्ते को छुआ, मधुमक्खियां बाहर आ गईं। मिट्ठू डर गया और भागने लगा। मधुमक्खियों ने उसका पीछा किया।

मिट्ठू खेत के उस पार भागा, मधुमक्खियां उसका पीछा कर रही थीं। जल्दबाजी में उसने एक नुकीले पत्थर पर पैर रख दिया, जिससे उसका पंजा ज़ख़्मी हो गया।

मिट्ठू की चीख पुकार सुनकर मनोज मदद के लिए दौड़ा। उसने सावधानी से मिट्ठू के पंजे से पत्थर हटाया और डरी हुई बिल्ली को दिलासा दिया।

“मिट्ठू, तुम्हें चोरी या दूसरों को परेशान नहीं करना चाहिए। यह केवल परेशानी लाता है,” मनोज ने कहा। मिट्ठू ने मनोज की बातों को समझते हुए उसकी ओर देखा।

उस दिन से मिट्ठू ने दूध चुराना और परेशान करना बंद कर दिया। उसने अपना सबक सीखा और एक अच्छी तरह से व्यवहार करने वाली बिल्ली बन गई।

कावेरी, करण और मनोज मिट्ठू के बदलाव से खुश थे। खेत फिर से शांत हो गया, और हर कोई खुशी से रहने लगा।

This Hindi Story for Kids Says That:

मनोज, कावेरी, करण और मिठ्ठू की कहानी हमें एक महत्वपूर्ण सीख देती है। यह हमें शरारत और चोरी के परिणाम से होने वाली पीड़ा का बोध कराती है।

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