जीवन की धड़कन – Sanskrit Shlok

एकेन चरति सर्वत्र, द्विभुजं न विनाश्यति।
अनुप्राणति जीवानां, किं तत्सत्यं वदाम्यहम्?॥

हिंगलिश स्लोक: Ekena charati sarvatra, dvibhujam na vinashyati.Anupraanati jeevaanam, kim tatsatyam vadaamyaham?

हिन्दी अनुवाद: एक से सब जगह चलती है, दो भुजाओं से नहीं मिटती। जीवितों को जीवन देता है, मैं कौन-सा सत्य बोलों?

पहेली का उत्तर: हृदय।

Sanskrit Shlok का सार: श्लोक किसी ऐसी चीज का वर्णन करता है जो हर जगह एक के साथ चलती है (जैसा कि दिल लगातार धड़कता है) और नष्ट नहीं होता है, भले ही यह दो भुजाओं (पसलियों या संभवतः धमनियों का जिक्र) से घिरा हो। यह रक्त को पंप करके जीवितों को जीवन देता है, इसलिए यह श्लोक हृदय की सच्चाई की बात करता है।

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