सपनों की उड़ान: जीवन का लक्ष्य

भोर की किरण बोल उठी,
सुनो जगाने आई हूं मैं,
सपनो की सारी दुनिया को,
मैंने ही तो बनाया है।

पंख लगाकर उड़ना सीखो,
हिम्मत करके आजमाओ,
हर कठिनाई, हर बाधा,
समय के साथ मिट जाएगी।

सूरज की तरह चमकना सीखो,
अपने आप को पहचानो,
जो तुम में है वो खोजो,
अपनी पहचान बनाओ।

सपने सच होंगे जरूर,
अगर सच्ची हो चाह,
जीने की खुशी तुम्हें मिलेगी,
जब समय आएगा अपना।

मेरी बातों को याद रखो,
और सच्चाई को पहचानो,
अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करो,
और उसकी ओर बढ़ते जाओ।

Leave a comment