ऊर्जा रहस्य – Sanskrit Shlok

नैव स्वयं चलति यदि, परं चलने प्रवर्तते।
क्षयं याति च योग्यता, किं तत्सत्यं वदाम्यहम्?॥

हिंगलिश स्लोक: Naiva swayam chalati yadi, param chalane pravartate. Kshayam yati cha yogyata, kim tatsatyam vadaamyaham?

हिन्दी अनुवाद: यह अपने आप नहीं चलती बल्कि दूसरों को चलाती है। और अपनी क्षमता खो देता है, मैं कौन सा सत्य बोलो?

पहेली का उत्तर: ईंधन या ऊर्जा।

Sanskrit Shlok का सार: श्लोक किसी ऐसी चीज का वर्णन करता है जो अपने आप नहीं चलती है, फिर भी ईंधन या ऊर्जा जैसी अन्य चीजों को गति देने के लिए जिम्मेदार है। जैसे-जैसे ईंधन का उपयोग होता है या जैसे-जैसे ऊर्जा खर्च होती है, यह अपनी क्षमता खो देता है। इस प्रकार, श्लोक ईंधन या ऊर्जा के सत्य की बात करता है।

Leave a comment