ज़िन्दगी की बहार – Hindi Kavita

बसंत के आगमन की राह जगमगाती है,
प्रकृति ने आवाज़ उठाई, सबको जगाती है।

सर-सर बहती हवा लहरा कर आती है,
मन को रंगीन ख़बर सुनाकर मुस्काती है।

पुष्पों की माला गले में सजा लो,
गाते हुए नये गीत सुना लो।

माँ धरती अपने सीने से खेला खेलती है,
हर नगर-नगर, गांव-गांव में उत्साह फैलती है।

पंछी आज़ादी का संगीत गाते हैं,
देखो, उड़ते हुए आसमान में नचाते हैं।

पेड़-पौधों की चादर बना रंगीन है,
ग़ालिबी रंगों में धरती रंगी है।

प्रेम की भरी नदी बहती है हर जगह,
खुशियों की बौछार बरसाती है हर जगह।

चलो, आओ नयी उमंगों के साथ,
बसंत के मौसम में बहार लाते हैं साथ।

इस Hindi Kavita को जरूर शेर कीजिएगा।

Leave a comment