जीवन की धारा – Hindi Kavita

होल होल बहती धारा,
चुपचाप बीत जाता संसार।
हरियाली भरी क्षेत्रों में,
खिलता हर मौसम प्यार।

किरणें भरी सुनहरी धूप,
चमकती उसकी हर धार।
खिलते हैं फूलों के रंग,
स्वर्ग सा लगता संसार।

सुबह का ताजा सन्नाटा,
दोपहर की कोमल धूप।
शाम सा ठंडा समा,
रात का चांद भी रूप।

बहती हवा का हल्का झोंका,
बचपन की वो झूल।
हर पल महसूस करो,
जीवन की है यही धूल।

स्नेह और प्यार की बूंदें,
हर पल बरसाती हैं।
मनुष्य जीवन की खुशियां,
हर दिन ये लाती हैं।

चाहे हो दिन या रात,
सब कुछ बदलता है।
पर जीवन की महक,
हमेशा महकती है।

आपको ये Hindi Kavita अच्छी लगी हो तो जरूर से शेर करें।

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