अग्नि का रहस्य: एक श्लोक पहेली – Sanskrit Shlok

निजनाशे जननं ददाति, पुनर्जन्म निजनाशने।
अनित्यं स्थिरतां याति, किं तत्सत्यं वदाम्यहम्?॥

हिंगलिश स्लोक: Nijanashe jananaṁ dadaati, punarjanma nijanasane. Anityam sthiratam yati, kim tatsatyam vadaamyaham?

हिन्दी अनुवाद: अपने विनाश में जन्म देती है, अपने ही निधन में पुनर्जन्म लेती है। अनित्य फिर भी स्थिर हो जाता है, मैं कौन-सा सत्य कहो?

पहेली का उत्तर: फीनिक्स या आग।

Sanskrit Shlok का सार: यह श्लोक किसी ऐसी चीज का वर्णन करता है जो अपने स्वयं के विनाश में जन्म देती है और अपने स्वयं के निधन में पुनर्जन्म लेती है – फीनिक्स का एक प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व, एक पौराणिक पक्षी जो अपनी ही राख से पुनर्जन्म लेता है। यह अग्नि का भी उल्लेख कर सकता है, जो अस्थायी होने के बावजूद अपने परिणाम में नई वृद्धि को जन्म दे सकती है। इसलिए, श्लोक फीनिक्स या आग की सच्चाई की बात करता है।

Leave a comment